डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। Saurabh Dwivedi ने करीब 12 साल बाद The Lallantop से इस्तीफ़ा दे दिया है। इस खबर के सामने आते ही दर्शकों और मीडिया जगत में दो सवाल सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं—
👉 वे कितना कमाते थे?
👉 इतने लंबे समय बाद उन्होंने Lallantop क्यों छोड़ा?
आइए, पूरे मामले को आसान और तथ्यपरक तरीके से समझते हैं।
कौन हैं Saurabh Dwivedi?
Saurabh Dwivedi भारतीय डिजिटल पत्रकारिता के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में से एक हैं। उनके लंबे राजनीतिक इंटरव्यू, संतुलित सवाल और शालीन अंदाज़ ने उन्हें खास पहचान दिलाई।
वे सनसनी से दूर रहकर विचार, नीति और शासन पर बातचीत के लिए जाने जाते हैं।
उनकी विश्वसनीयता के कारण उन्हें अलग-अलग विचारधाराओं में सम्मान मिला।
Lallantop में उनका सफर
Saurabh Dwivedi Lallantop की शुरुआती यात्रा से ही उससे जुड़े रहे। एक छोटे डिजिटल प्रयोग के रूप में शुरू हुआ यह प्लेटफॉर्म आज हिंदी डिजिटल मीडिया का बड़ा नाम बन चुका है।
उनके कार्यकाल में:
- Lallantop की डिजिटल पहुंच तेज़ी से बढ़ी
- इंटरव्यू आधारित पत्रकारिता लोकप्रिय हुई
- लंबे और गहन संवादों को दर्शकों ने अपनाया
बहुत से दर्शकों के लिए Saurabh Dwivedi और Lallantop एक-दूसरे के पर्याय बन गए थे।
Saurabh Dwivedi की सैलरी कितनी थी?
हालांकि आधिकारिक तौर पर उनकी सैलरी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन मीडिया इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, उनके अनुभव और भूमिका को देखते हुए उनकी सालाना कमाई काफी ऊँची मानी जाती है।
उनकी आय में संभवतः शामिल थे:
- सीनियर एडिटोरियल सैलरी
- लीडरशिप और कंटेंट रणनीति की ज़िम्मेदारियाँ
- डिजिटल ग्रोथ से जुड़े इंसेंटिव
ध्यान देने वाली बात है कि ये अनुमान हैं, पुष्टि किए गए आंकड़े नहीं।

12 साल बाद इस्तीफ़ा क्यों दिया?
मिली जानकारी के अनुसार, Saurabh Dwivedi का यह फैसला व्यक्तिगत और पेशेवर विकास से जुड़ा है, न कि किसी विवाद से।
संभावित कारण:
- नए चैलेंज और नई दिशा की तलाश
- लंबे समय बाद रचनात्मक स्वतंत्रता की चाह
- एक सफल प्लेटफॉर्म खड़ा करने के बाद नेतृत्व परिवर्तन
- मीडिया से जुड़े नए प्रयोग करने की इच्छा
मीडिया इंडस्ट्री में ऐसे बदलाव को अक्सर स्वाभाविक विकास माना जाता है।
क्या किसी तरह का विवाद था?
अब तक किसी भी तरह के आंतरिक विवाद, दबाव या मतभेद की कोई सूचना सामने नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार यह विदाई सौहार्दपूर्ण रही और पहले से तय प्रक्रिया का हिस्सा थी।
आगे क्या कर सकते हैं Saurabh Dwivedi?
हालांकि उन्होंने अभी भविष्य की योजनाओं की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि वे:
- स्वतंत्र पत्रकारिता मंच शुरू कर सकते हैं
- किसी थिंक टैंक या अकादमिक संस्थान से जुड़ सकते हैं
- किताब, पॉडकास्ट या लॉन्ग-फॉर्म कंटेंट पर काम कर सकते हैं
उनकी लोकप्रियता को देखते हुए, अगला कदम भी खास चर्चा में रहेगा।
Lallantop के लिए इसका क्या मतलब है?
यह विदाई एक युग के अंत जैसी है, लेकिन Lallantop एक मज़बूत संस्थान के रूप में आगे बढ़ता रहेगा। नए चेहरे, नए फॉर्मेट और नई सोच के साथ प्लेटफॉर्म के विकसित होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
Saurabh Dwivedi का 12 साल बाद Lallantop छोड़ना भारतीय डिजिटल पत्रकारिता में एक अहम मोड़ है। सैलरी और इस्तीफ़े की वजहों से ज़्यादा महत्वपूर्ण यह है कि यह फैसला नए सफर की शुरुआत का संकेत देता है।
अब सबकी नज़रें उनके अगले कदम पर टिकी हैं।