आज के दौर में क्रिकेटर अपनी इनोवेटिव बल्लेबाज़ी, रिवर्स शॉट्स और 360-डिग्री गेम के लिए जाने जाते हैं। ऐसे समय में Abhishek Sharma का यह बयान अलग ही असर छोड़ता है:
“मैं खुद पर भरोसा करता हूँ क्योंकि मेरे पास ज़्यादा शॉट्स नहीं हैं।”
यह बात कमजोरी नहीं, बल्कि खुद को गहराई से समझने का संकेत है।
‘ज़्यादा शॉट्स नहीं’ कहने का असली मतलब
इस बयान का मतलब यह नहीं कि Abhishek Sharma में काबिलियत की कमी है।
असल में इसका मतलब है:
- उन्हें पता है कि कौन-से शॉट्स उनके लिए सबसे भरोसेमंद हैं
- वे ज़रूरत से ज़्यादा एक्सपेरिमेंट नहीं करते
- वे अपनी सीमाओं को पहचानते हैं
यही साफ़ सोच उन्हें दबाव में भी स्थिर बनाए रखती है।
आत्मविश्वास क्यों है शॉट्स से ज़्यादा अहम
आधुनिक क्रिकेट में कई बल्लेबाज़ जोखिम भरे शॉट्स खेलते हैं।
लेकिन Abhishek Sharma का मानना है कि:
- भरोसा फैसलों को आसान बनाता है
- कन्फ्यूज़न कम करता है
- दबाव में भी नियंत्रण बनाए रखता है
जब खिलाड़ी को पता हो कि उसे क्या खेलना है और क्या नहीं—
तो आधा काम वहीं पूरा हो जाता है।
स्पष्टता: एक छुपी हुई ताक़त
कम शॉट्स का मतलब कम रन नहीं होता।
इसका मतलब होता है:
- बेहतर शॉट सेलेक्शन
- ज़्यादा सफलता की संभावना
- मानसिक शांति
Abhishek Sharma यह दिखाते हैं कि स्पष्टता, क्रिएटिविटी से ज़्यादा घातक हो सकती है।

T20 क्रिकेट में यह सोच क्यों काम करती है
T20 फॉर्मेट में समय नहीं होता सोचने का।
यहाँ चाहिए:
- तेज़ फैसले
- साफ़ इरादा
- बिना झिझक के कमिटमेंट
Abhishek Sharma की बल्लेबाज़ी इसी सोच पर टिकी है—
वे जो खेलते हैं, पूरे भरोसे के साथ खेलते हैं।
युवा खिलाड़ियों के लिए सीख
इस बयान में नए खिलाड़ियों के लिए बड़ा संदेश है:
- हर शॉट सीखना ज़रूरी नहीं
- अपने मजबूत शॉट्स पर भरोसा ज़रूरी है
- लगातार अभ्यास आत्मविश्वास लाता है
- दूसरों की नकल से पहचान नहीं बनती
अपनी सीमाओं को स्वीकार करना ही असली समझदारी है।
क्रिकेट से आगे की सोच
यह सोच सिर्फ़ क्रिकेट तक सीमित नहीं है।
ज़िंदगी में भी:
- कम स्किल्स को गहराई से सीखना
- अपनी ताक़त पहचानना
- हर किसी जैसा बनने की ज़िद छोड़ना
यही आगे बढ़ने का रास्ता है।
अंतिम विचार
क्रिकेट में हर बार सबसे स्टाइलिश खिलाड़ी नहीं जीतता।
कभी-कभी वही खिलाड़ी आगे निकलता है जो खुद को सबसे अच्छे से जानता है।
Abhishek Sharma का यह बयान हमें याद दिलाता है—
सब कुछ होना ज़रूरी नहीं,
जो है, उस पर भरोसा होना ज़रूरी है।