ECI ने बंगाल में पोस्ट-SIR वोटर सूची जारी की

Election Commission of India (ECI) ने West Bengal में पोस्ट-SIR मतदाता सूचियों का चरणबद्ध प्रकाशन शुरू कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत जिलों में संशोधित वोटर लिस्ट जारी की जा रही है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, Bankura जिले में लगभग 1.18 लाख नाम हटाए गए हैं, जिससे राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा तेज हो गई है।


🗳️ पोस्ट-SIR क्या है?

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान:

  • डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ हटाई जाती हैं
  • मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपित किए जाते हैं
  • विवरण में त्रुटियाँ सुधारी जाती हैं
  • सूची को अद्यतन और पारदर्शी बनाया जाता है

चरणबद्ध प्रकाशन का अर्थ है कि संशोधित सूचियाँ अलग-अलग जिलों में क्रमवार जारी की जा रही हैं।


📍 बांकुड़ा में बड़े पैमाने पर विलोपन

https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/4/4f/Mallarajar_darbar_aerial_view_bishnupur_walled_city%2C_bankura%2C_west_bengal.jpg
https://th-i.thgim.com/public/incoming/rbputd/article70445888.ece/alternates/FREE_1200/PTI12_09_2025_000357A.jpg
https://images.openai.com/static-rsc-3/L_vOXMIWmLVrpMfsbulCV2z-NK5RRcyUowgoV4oCKI6FQsXIcM99mXgxk-cYzhcW039jKqvM7IL73l0txdLJYMfHycADOExlgbtfdReM71I?purpose=fullsize&v=1

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बांकुड़ा में 1.18 लाख नाम हटाए जाने के पीछे मुख्य कारण बताए जा रहे हैं:

  • दोहराव वाली प्रविष्टियाँ
  • अन्य स्थान पर स्थानांतरण
  • मृत्यु के बाद भी सूची में बने नाम
  • सत्यापन में असंगतियाँ

प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई है।


⚖️ क्यों है यह अहम?

मतदाता सूची की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • यही तय करती है कि कौन मतदान कर सकता है
  • विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या प्रभावित होती है
  • चुनावी रणनीतियों पर असर पड़ता है

बड़े पैमाने पर नाम हटने से स्वाभाविक रूप से सवाल और प्रतिक्रियाएँ सामने आती हैं।


📌 मतदाता क्या करें?

यदि किसी को आशंका है कि उनका नाम सूची से हट गया है, तो:

  1. आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय कार्यालय में सूची जांचें।
  2. निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करें।
  3. आवश्यक दस्तावेज जमा कर पुनः नाम शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी करें।

📝 निष्कर्ष

पश्चिम बंगाल में पोस्ट-SIR सूची का चरणबद्ध प्रकाशन चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा है। बांकुड़ा में 1.18 लाख नाम हटाए जाने से प्रक्रिया पर ध्यान जरूर गया है, लेकिन साथ ही दावे-आपत्तियों की व्यवस्था भी उपलब्ध है।

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