Kabul में एक बड़े नशा मुक्ति केंद्र Kabul Rehab पर हुए विनाशकारी हमले के बाद सैकड़ों परिवार अपने प्रियजनों को ढूंढने के लिए परेशान होकर इधर-उधर भटक रहे हैं। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
बताया जा रहा है कि देर रात हुए इस हमले में Rehab सेंटर की इमारत को भारी नुकसान हुआ। धमाकों के बाद वहां आग लग गई और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। बचाव दल और स्थानीय लोग मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
Kabul Rehab हमले में क्या हुआ?
यह हमला 16 मार्च 2026 को हुआ, जब Kabul में स्थित एक बड़े नशा मुक्ति केंद्र Kabul Rehab पर हवाई हमला हुआ। इस केंद्र में हजारों लोग नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए इलाज करा रहे थे।
अफगान अधिकारियों के अनुसार इस हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई और करीब 250 लोग घायल हुए। इससे यह हाल के वर्षों की सबसे घातक घटनाओं में से एक बन गया।
बताया जाता है कि इस Rehab केंद्र में करीब 2000 मरीजों के इलाज की क्षमता थी। धमाकों के कारण मरीजों के रहने वाले हिस्से और इलाज के कई विभाग पूरी तरह तबाह हो गए।
हालांकि पाकिस्तान ने अस्पताल या Rehab सेंटर को निशाना बनाने से इनकार किया है। पाकिस्तान का कहना है कि यह हमला आतंकी ठिकानों और सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर किया गया था।
अपने लापता प्रियजनों को खोजते परिवार
हमले के बाद Rehab सेंटर के बाहर बेहद भावुक और दर्दनाक दृश्य देखने को मिले। कई परिवार अपने रिश्तेदारों के बारे में जानकारी पाने के लिए वहां पहुंचे।
कुछ लोग अस्पतालों के बाहर इंतजार करते रहे, जबकि कई लोग मलबे में अपने परिजनों को ढूंढने की कोशिश कर रहे थे।
एक बचे हुए व्यक्ति ने बताया कि धमाके के बाद का दृश्य “कयामत जैसा” था। आग तेजी से फैल गई और कई मरीजों को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिला।
बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि एम्बुलेंस घायल लोगों को Kabul के अलग-अलग अस्पतालों में ले जा रही हैं।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव
इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
अफगान अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि यह हमला नागरिकों और मरीजों पर किया गया अमानवीय हमला है।
दूसरी ओर पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसका सैन्य अभियान केवल आतंकी संगठनों के खिलाफ था।
पिछले कुछ हफ्तों से दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव और झड़पों की खबरें भी सामने आती रही हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और जांच की मांग
इस घातक हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो अफगानिस्तान की पहले से ही नाजुक मानवीय स्थिति और खराब हो सकती है।
दुनिया के कई नेताओं ने दोनों देशों से तनाव कम करने और बातचीत के रास्ते अपनाने की अपील की है।
युद्ध की सबसे बड़ी कीमत इंसान चुकाते हैं
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग, इस त्रासदी की सबसे बड़ी कीमत आम लोगों को चुकानी पड़ रही है।
Rehab सेंटर में मौजूद कई मरीज ऐसे लोग थे जो अपनी जिंदगी को नई शुरुआत देना चाहते थे और नशे की लत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।
अब उनके परिवार अपने प्रियजनों को खोने के दुख और अनिश्चितता के बीच जी रहे हैं। Kabul Rehab पर हुआ यह हमला कई परिवारों के लिए एक और दर्दनाक अध्याय बन गया है।
निष्कर्ष
Kabul Rehab पर हुए इस घातक हमले ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली और कई परिवारों को अपने प्रियजनों की तलाश में भटकने के लिए मजबूर कर दिया।
जब तक इस घटना की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक यह सवाल बना रहेगा कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कौन है। फिलहाल दुनिया की नजरें Kabul पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।