सिनेमा में पेरेंटिंग को अक्सर या तो बहुत भावुक या पूरी तरह मज़ाकिया दिखाया जाता है। Single Papa इन दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है — और इसमें सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरते हैं कुनाल खेमू।
यह फिल्म परफेक्ट नहीं है, लेकिन इसमें दिल है, ईमानदारी है और रिश्तों की सच्चाई है।
कहानी: जब पिता बनना एक रोज़ की सीख हो
Single Papa एक ऐसे पिता की कहानी है जो अचानक अपने बच्चे की पूरी ज़िम्मेदारी अकेले उठाने लगता है।
कोई गाइड नहीं, कोई ट्रेनिंग नहीं — बस रोज़ नई चुनौतियाँ।
- स्कूल की परेशानियाँ
- समाज की नज़रें
- बच्चे की भावनात्मक ज़रूरतें
- और खुद की उलझनें
फिल्म बड़े ड्रामे की जगह छोटे-छोटे रोज़मर्रा के पलों पर फोकस करती है, जो कहानी को ज़मीन से जुड़ा बनाते हैं।
कुनाल खेमू: फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
अगर Single Papa याद रह जाती है, तो उसका सबसे बड़ा कारण कुनाल खेमू की एक्टिंग है।
- बेहद नैचुरल परफॉर्मेंस
- ओवरएक्टिंग बिल्कुल नहीं
- कॉमेडी और इमोशन का सही बैलेंस
वह अपने किरदार को हीरो नहीं, बल्कि एक इंसान की तरह निभाते हैं — जो गलतियाँ करता है, सीखता है और कोशिश करता है।
निर्देशन और टोन: प्यारी लेकिन थोड़ी बिखरी हुई
फिल्म का माहौल हल्का, गर्मजोशी भरा और सुकून देने वाला है, लेकिन कहानी कभी-कभी थोड़ी बिखरी हुई लगती है।
जो अच्छा लगता है:
- सिचुएशनल कॉमेडी
- बच्चे और पिता के बीच के सच्चे पल
- बिना ज़बरदस्ती के इमोशनल सीन

जहाँ कमी महसूस होती है:
- कुछ सब-प्लॉट अधूरे लगते हैं
- कहानी की पकड़ हर जगह बराबर नहीं
फिर भी फिल्म की ईमानदारी इन कमियों को ढक लेती है।
सपोर्टिंग कास्ट और केमिस्ट्री
सपोर्टिंग कलाकार ठीक-ठाक काम करते हैं, लेकिन किसी का भी रोल ज़रूरत से ज़्यादा नहीं खींचा गया।
खासतौर पर बच्चे का किरदार नेचुरल लगता है और कुनाल खेमू के साथ उसकी केमिस्ट्री फिल्म की जान है।
म्यूज़िक और टेक्निकल पहलू
- म्यूज़िक सॉफ्ट और सिचुएशनल है
- सिनेमैटोग्राफी सादी लेकिन प्रभावी
- एडिटिंग थोड़ी टाइट हो सकती थी
फिल्म तकनीक से ज़्यादा भावनाओं पर भरोसा करती है।
थीम: परफेक्ट नहीं, लेकिन मौजूद रहना ज़रूरी
Single Papa यह नहीं कहती कि पेरेंट बनना आसान है।
यह फिल्म बताती है कि:
- गलतियाँ होना ठीक है
- कोशिश करना ज़रूरी है
- प्यार अधिकार से बड़ा होता है
- और हर दिन साथ होना ही असली जीत है
फाइनल वर्डिक्ट: दिल से बनी, दिल को छूने वाली
⭐ रेटिंग: 3.5 / 5
Single Papa कोई क्रांतिकारी फिल्म नहीं है, लेकिन यह एक सच्ची, सादी और दिल को छूने वाली कहानी है।
कुनाल खेमू की परफॉर्मेंस इसे देखने लायक बना देती है।
अगर आपको रिश्तों, पेरेंटिंग और हल्की-फुल्की कॉमेडी वाली फिल्में पसंद हैं — तो Single Papa ज़रूर देखें।